Patna Crime News: पटना में एक बार फिर साइबर अपराध और जेबकतरे गिरोह की सक्रियता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक पटना जंक्शन और उसके आसपास का क्षेत्र इन दिनों अपराधियों के निशाने पर बताया जा रहा है। ताजा मामला भागलपुर में तैनात एक सिपाही से जुड़ा है, जिसके बैग से मोबाइल फोन और तीन ATM कार्ड चोरी कर लिए गए। हैरानी की बात यह रही कि चोरी के बाद अपराधियों ने उसके बैंक खाते से 3.10 लाख रुपये भी निकाल लिए।
इस घटना ने न केवल आम लोगों बल्कि पुलिस विभाग के कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया है। राजधानी में खुलेआम हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधी अब पहले से अधिक संगठित तरीके से काम कर रहे हैं और लोगों की छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
बुद्धा स्मृति पार्क के पास हुई वारदात
जानकारी के अनुसार यह घटना पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित बुद्धा स्मृति पार्क के पास हुई। पीड़ित धर्मेंद्र कुमार उस समय गांधी मैदान जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैग से मोबाइल फोन और तीन ATM कार्ड गायब कर दिए।

भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस घटना का उन्हें उस समय कोई अंदाजा नहीं हुआ। जब तक उन्हें चोरी की जानकारी मिलती, तब तक अपराधी अपना काम कर चुके थे। बाद में पता चला कि उनके बैंक खाते से लाखों रुपये की निकासी भी कर ली गई है।
भागलपुर में सिपाही पद पर हैं तैनात
पीड़ित धर्मेंद्र कुमार बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में भागलपुर में तैनात हैं। उनका मूल निवास गोपालगंज जिले के बरौली थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में बताया गया है।
जानकारी के अनुसार वह छुट्टी लेकर अपने घर जाने के लिए निकले थे। ट्रेन से भागलपुर से पटना जंक्शन पहुंचे और वहां से किसी जरूरी काम के लिए गांधी मैदान जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बना लिया और उनके बैग से मोबाइल और ATM कार्ड चोरी कर लिए।
नया फोन और सिम लेने के बाद हुआ खुलासा
घटना के बाद जब धर्मेंद्र कुमार को अपना मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने नया फोन और नया सिम कार्ड लिया। इसके बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी प्राप्त की तो उनके होश उड़ गए।
खाते की जांच करने पर पता चला कि उनके बैंक खाते से लगभग 3.10 लाख रुपये की निकासी की जा चुकी है। इतनी बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
यह घटना दर्शाती है कि मोबाइल फोन और ATM कार्ड चोरी होने के बाद अपराधी कितनी तेजी से बैंक खातों तक पहुंच बना सकते हैं।
साइबर थाने में दर्ज कराया गया मामला
धर्मेंद्र कुमार ने पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस प्रकार निकाली गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में अक्सर तकनीकी जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, ATM फुटेज और मोबाइल गतिविधियों की जांच की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
पटना जंक्शन के आसपास सक्रिय बताया जा रहा गिरोह
स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के अनुसार पटना जंक्शन और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो लोगों के मोबाइल फोन और ATM कार्ड चोरी करने के बाद उनके खातों से पैसे निकाल लेता है।
बताया जाता है कि यह गिरोह पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। हालांकि अब तक इसके सभी सदस्य पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं।
भीड़भाड़ वाले स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक परिवहन क्षेत्रों में ऐसे गिरोह सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं क्योंकि वहां लोगों का ध्यान अक्सर अपने सामान से हट जाता है।
अपराधियों का तरीका काफी शातिर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं। वे पहले मोबाइल फोन या ATM कार्ड चोरी करते हैं और फिर किसी न किसी माध्यम से बैंक खाते तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
कई मामलों में मोबाइल फोन में सेव बैंकिंग जानकारी, OTP और अन्य व्यक्तिगत विवरण अपराधियों के लिए मददगार साबित हो जाते हैं। यही कारण है कि मोबाइल और बैंकिंग सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
आज के डिजिटल युग में केवल ATM कार्ड ही नहीं बल्कि मोबाइल फोन भी आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अपने सामान की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल फोन, पर्स और बैग को हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए। बैंकिंग से जुड़ी जानकारी को मोबाइल में बिना सुरक्षा के रखना भी जोखिम भरा हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन या ATM कार्ड चोरी हो जाए, तो तुरंत बैंक और संबंधित सेवा प्रदाताओं को सूचना देकर कार्ड ब्लॉक कराना चाहिए। इससे वित्तीय नुकसान की संभावना कम हो सकती है।
बढ़ते साइबर अपराध बन रहे चिंता का विषय
पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। अपराधी अब तकनीक का उपयोग करके लोगों के बैंक खातों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।

ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जाता है। बैंक, पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को सावधान रहने की सलाह देती रहती हैं। धर्मेंद्र कुमार के साथ हुई घटना भी इसी बात का उदाहरण है कि अपराधी किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकते हैं।
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