Bihar MLC Election 2026: नामांकन शुरू होते ही तेज हुई सियासी हलचल, नीतीश कुमार की मुलाकातों ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

On: June 1, 2026 4:27 PM
Bihar MLC Election

Bihar MLC Election: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विधान परिषद चुनाव 2026 की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय नजर आ रहा है। जैसे-जैसे चुनावी तारीखें करीब आ रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। सोमवार से बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल भी बढ़ गई है।

सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री रह चुके और जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार की लगातार हो रही मुलाकातों को लेकर हो रही है। सोमवार सुबह-सुबह उनका जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पहुंचना और उसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मुलाकात करना राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन मुलाकातों ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

नामांकन शुरू होते ही बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

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बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर लंबे समय से तैयारियां चल रही थीं, लेकिन नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियों में अचानक तेजी देखने को मिली है। सभी प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों को लेकर अंतिम रणनीति बनाने में जुट गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चुनाव केवल सीटों की जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी माना जा रहा है। इसी वजह से हर दल अपने सहयोगियों और नेताओं के साथ लगातार संवाद कर रहा है। पटना में सोमवार को हुई मुलाकातों को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। जेडीयू के भीतर लगातार हो रही बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है।

नीतीश कुमार की मुलाकातों ने खींचा ध्यान

सोमवार सुबह नीतीश कुमार का अचानक संजय झा के आवास पर पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से भी मुलाकात की। हालांकि इन बैठकों को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी रणनीति और सीटों के बंटवारे पर चर्चा हुई हो सकती है। नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और उनकी हर राजनीतिक गतिविधि पर सभी की नजर रहती है। ऐसे समय में जब विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, उनकी ये मुलाकातें और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

रविवार को भी जारी रहा था बैठकों का दौर

सोमवार की बैठकों से पहले रविवार को भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हुई थी। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी संजय झा के आवास पहुंचे थे। लगातार दो दिनों तक हुई इन बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उम्मीदवारों के नाम और सीटों के बंटवारे को लेकर अंदरूनी स्तर पर व्यापक चर्चा चल रही है। इसी बीच गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों की ओर से भी सीटों की मांग सामने आने लगी है। यही वजह है कि चुनावी समीकरणों को लेकर लगातार नई चर्चाएं हो रही हैं।

सीटों के बंटवारे पर बढ़ी गहमागहमी

विधान परिषद चुनाव में सीटों का बंटवारा हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहता है। इस बार भी सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर बातचीत तेज हो गई है। हर दल चाहता है कि उसे अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व मिले ताकि वह अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत कर सके। यही कारण है कि नामांकन शुरू होने के साथ ही विभिन्न दलों के नेताओं के बीच बैठकों का सिलसिला बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सीटों को लेकर और भी कई महत्वपूर्ण बैठकें हो सकती हैं। इन बैठकों का असर उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर दिखाई देगा।

जानिए चुनाव का पूरा कार्यक्रम

बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए निर्वाचन आयोग ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार 1 जून से 8 जून तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। इस दौरान उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को 11 जून तक नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा। यदि केवल 10 वैध नामांकन ही प्राप्त होते हैं और उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेते हैं, तो 11 जून के बाद निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जा सकती है। लेकिन यदि सीटों से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

कब होगा मतदान?

यदि चुनाव की स्थिति बनती है और उम्मीदवारों की संख्या सीटों से अधिक रहती है, तो 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। विधानसभा कोटे की इन 10 सीटों के लिए मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी। शाम चार बजे के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। इससे चुनावी प्रक्रिया बहुत कम समय में पूरी हो जाएगी और नई तस्वीर सामने आ जाएगी।

राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?

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बिहार विधान परिषद चुनाव को केवल एक सामान्य चुनाव के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह चुनाव राज्य के राजनीतिक दलों के लिए अपनी ताकत दिखाने का अवसर भी माना जा रहा है। आने वाले समय में बिहार की राजनीति में कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में विधान परिषद चुनाव के नतीजे राजनीतिक दलों के आत्मविश्वास और रणनीति दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि सभी प्रमुख दल इस चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं और हर स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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