NEET UG Re-Exam: देश के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए NEET UG परीक्षा केवल एक एग्जाम नहीं, बल्कि उनके सपनों की पहली सीढ़ी होती है। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्र वर्षों की मेहनत और समर्पण के बाद इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में जब पुनर्परीक्षा की घोषणा होती है, तो छात्रों और अभिभावकों दोनों की चिंताएं बढ़ जाती हैं।
इसी बीच NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर पटना जिला प्रशासन ने बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाना है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर परिवहन और अभ्यर्थियों की सुविधा तक कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
95 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा

पटना जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा के लिए जिले में कुल 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। यह संख्या बताती है कि परीक्षा कितने बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
समाहरणालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक
पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर पटना समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।
साथ ही परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
परीक्षा के दिन बंद रहेंगे सभी कोचिंग संस्थान
परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। 21 जून को पटना जिले के सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। सिर्फ कोचिंग संस्थानों को बंद रखने तक ही प्रशासन सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी संस्था या व्यक्ति की ओर से संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देती हैं, तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर रहेगी 24 घंटे निगरानी
आज के डिजिटल दौर में अफवाहें और गलत सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैलती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्णय लिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा से जुड़ी अफवाह, फर्जी सूचना या भ्रामक सामग्री साझा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच भ्रम और तनाव की स्थिति को रोकना है।
अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा सुविधा
इस बार NEET UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत भी दी गई है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को BSRTC की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
यह सुविधा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी जो दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी को इस व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि किसी भी छात्र को यात्रा के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष व्यवस्था
जून महीने की गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं करने का निर्णय लिया है। सभी केंद्रों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि छात्रों को गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा मेडिकल सुविधा और वेटिंग एरिया की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर की दूरी पर छायादार स्थान बनाने का निर्देश दिया है ताकि अभिभावकों को धूप और गर्मी से बचाया जा सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहत भरी होगी जो अपने बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र तक पहुंचेंगे।
अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा के दिन लगातार क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के आदेश दिए गए हैं।
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और छात्रों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।
कदाचार करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का कदाचार, नियम उल्लंघन या अनुचित गतिविधि पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यह चेतावनी उन लोगों के लिए है जो परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। प्रशासन इस बार पूरी सख्ती के साथ परीक्षा संचालन की तैयारी कर चुका है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
NTA के दिशा-निर्देशों का होगा पालन

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है ताकि परीक्षा के दिन कोई भी प्रशासनिक बाधा सामने न आए।
जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और हर व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा वातावरण प्रदान करना है।
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