Patna: स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी शहर की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक होती हैं। जब लोगों को अपने ही इलाके में बेहतर इलाज, डॉक्टर और जरूरी दवाएं उपलब्ध हो जाएं, तो उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाती है। पटना के लाखों लोगों के लिए ऐसी ही एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी पटना में दो नए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) पूरी तरह तैयार हो चुके हैं और इसी सप्ताह इनका उद्घाटन होने जा रहा है।
इन नए अस्पतालों के शुरू होने से करीब 3 लाख से अधिक लोगों को अपने ही मोहल्ले में मुफ्त इलाज, दवाएं और स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि इनमें से एक अस्पताल पटना का सबसे बड़ा सरकारी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन केंद्रों के शुरू होने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दूर या महंगे निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री करेंगे दोनों अस्पतालों का उद्घाटन
जानकारी के अनुसार बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार इसी सप्ताह दोनों नए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक साथ उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद यहां नियमित रूप से ओपीडी सेवाएं, आवश्यक दवाएं और विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी जाएंगी।

इन अस्पतालों के शुरू होने के बाद आसपास के हजारों परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने वाला है।
ये नए स्वास्थ्य केंद्र कहाँ बने हैं?
पटना में बनने वाले इन दोनों शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहला केंद्र वार्ड संख्या 38 के दरियापुर भट्ठी इलाके में बनाया गया है। यह केंद्र कई मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि इसे पटना का सबसे बड़ा सरकारी यूपीएचसी बताया जा रहा है।
दूसरा स्वास्थ्य केंद्र वार्ड संख्या 48 के नंद नगर कॉलोनी में तैयार किया गया है। इस केंद्र को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में रहने वाले छात्रों और स्लम बस्ती के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
3 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इन दोनों अस्पतालों के शुरू होने से करीब 3 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने वाला है। दरियापुर भट्ठी में बना स्वास्थ्य केंद्र केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आसपास के कई इलाकों को भी सेवा प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वार्ड संख्या 38 के अलावा वार्ड 37, 39, 40 और 42 के लगभग 2 लाख से अधिक लोगों को इस अस्पताल से लाभ मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। वहीं नंद नगर कॉलोनी स्थित केंद्र से एक लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
दरियापुर भट्ठी में बना पटना का सबसे बड़ा UPHC
दरियापुर भट्ठी रोड में बने इस अस्पताल की कहानी भी काफी दिलचस्प है। जिस जमीन पर यह अस्पताल बनाया गया है, वह कई दशकों से अतिक्रमण की समस्या से घिरी हुई थी। करीब चार कट्ठा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर यहां स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया गया।
पटना नगर निगम द्वारा एनओसी दिए जाने के बाद बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत बीएमएसआईसीएल द्वारा इस भवन का निर्माण कराया गया। इस परियोजना पर लगभग 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह दो मंजिला भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने वाला है।
अस्पताल में उपलब्ध होंगी आधुनिक सुविधाएं
दरियापुर भट्ठी स्थित इस नए स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। भवन में कुल 12 कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा 6 शौचालय, एक बड़ा हॉल और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए 6 बेड की व्यवस्था भी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति भी कर दी है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉ. के.एम. अंशिका और डॉ. निवेश कुमार को यहां प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
नंद नगर का केंद्र छात्रों और स्लम वासियों के लिए बनेगा वरदान
वार्ड संख्या 48 स्थित नंद नगर कॉलोनी का स्वास्थ्य केंद्र ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के रूप में विकसित किया गया है। इस केंद्र से नंद नगर और नयागांव स्लम बस्ती के लगभग 10 हजार गरीब लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
इसके अलावा इस क्षेत्र में मुसल्लहपुर और सैदपुर जैसे इलाके भी आते हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र किराये पर रहकर पढ़ाई करते हैं। अब इन छात्रों को सामान्य बीमारियों या स्वास्थ्य जांच के लिए महंगे निजी क्लीनिकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस केंद्र के शुरू होने से एक लाख से अधिक लोगों को सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
पटना में स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
वर्तमान में पूरे बिहार में लगभग 148 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से 33 केंद्र पटना में मौजूद हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश केंद्र किराये के छोटे भवनों में संचालित हो रहे हैं और केवल नौ केंद्र ही सरकारी भवनों में चल रहे हैं।
ऐसे में इन दो नए आधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पॉलीक्लिनिक, अल्ट्रासाउंड और फिजियोथेरेपी सेवाओं की भी तैयारी
स्वास्थ्य विभाग केवल प्राथमिक चिकित्सा तक सीमित नहीं रहना चाहता। भविष्य में इन केंद्रों में पॉलीक्लिनिक सेवाएं, अल्ट्रासाउंड सुविधा और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

यदि यह योजनाएं लागू होती हैं, तो मरीजों को और अधिक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और भी मजबूत होगा।
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