Bihar Sugar Mills Revival: बिहार में फिर दौड़ेगा गन्ना उद्योग, बंद चीनी मिलों को शुरू करने और 25 नई मिलें लगाने की तैयारी

On: June 23, 2026 10:55 AM
Bihar Sugar Mills Revival

Bihar Sugar Mills Revival: बिहार लंबे समय तक देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में गिना जाता रहा है। एक समय था जब राज्य की चीनी मिलें हजारों लोगों को रोजगार देती थीं और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती थीं। लेकिन समय के साथ कई चीनी मिलें बंद हो गईं, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अब बिहार सरकार ने गन्ना उद्योग को फिर से नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने और नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और गन्ना उद्योग को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।

चंपारण को फिर बनाया जाएगा गन्ना उत्पादन का बड़ा केंद्र

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान विशेष रूप से चंपारण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चंपारण को एक बार फिर देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में शामिल करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।

Bihar Sugar Mills Revival
Bihar Sugar Mills Revival

चंपारण का इतिहास गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग से जुड़ा रहा है। यहां की उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु गन्ने की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। सरकार का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में चीनी उद्योग को फिर से सक्रिय किया जाए तो हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

बंद पड़ी चीनी मिलों में लौट सकती है रौनक

बिहार में कई ऐसी चीनी मिलें हैं जो वर्षों से बंद पड़ी हुई हैं। इन मिलों के बंद होने से न केवल किसानों को नुकसान हुआ बल्कि हजारों लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई। अब सरकार इन मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रैयाम, सकरी, सासामुसा, मढ़ौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने के लिए ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया है। इन क्षेत्रों में स्थित बंद चीनी मिलों के चालू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

25 नई चीनी मिलों की स्थापना पर काम

राज्य सरकार केवल पुरानी मिलों को चालू करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसके साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है तो बिहार एक बार फिर देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

नई चीनी मिलों के निर्माण से गन्ने की खरीद क्षमता बढ़ेगी, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही उद्योग से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

गन्ना बिहार के लाखों किसानों की प्रमुख नकदी फसल है। लेकिन चीनी मिलों के बंद होने के कारण कई किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। कई बार उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में फसल बेचनी पड़ती थी, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती थी।

सरकार का मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर चीनी मिलें सक्रिय होंगी तो किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा। इससे उनकी आय बढ़ेगी और खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा। गन्ना उद्योग के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।

बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 का होगा बड़ा योगदान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में आधुनिक तकनीक आधारित चीनी उद्योग को बढ़ावा देना है।

सरकार चाहती है कि निजी निवेशक बिहार में नई चीनी मिलें स्थापित करें और पुरानी मिलों का आधुनिकीकरण करें। आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।

रोजगार और ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा

चीनी उद्योग केवल किसानों तक सीमित नहीं होता। यह उद्योग बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करता है। मिलों के संचालन से परिवहन, मशीनरी, पैकेजिंग और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार की यह योजना सफल होती है तो हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा

गन्ना उद्योग बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। राज्य में चीनी उत्पादन बढ़ने से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन और अन्य सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

Bihar Sugar Mills Revival
Bihar Sugar Mills Revival

वर्तमान समय में देश में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में गन्ना आधारित उद्योगों का विस्तार बिहार के लिए आर्थिक दृष्टि से भी काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

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